घर/प्लॉट खरीद रहे हैं? रजिस्ट्री का खर्च ऐसे करें कैलकुलेट Land Registry Expenses Calculation

Published On: August 28, 2025
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घर या प्लॉट खरीदना हर किसी की जिंदगी का एक बड़ा सपना होता है। अपने खुद के घर के लिए सालों तक मेहनत करने के बाद जब खरीदी का मौका आता है, तो कई दस्तावेजी प्रक्रियाएं और खर्च सामने आते हैं। इनमें सबसे अहम है रजिस्ट्री का खर्च, जिसमें मुख्य रूप से स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क शामिल होते हैं।

अकसर लोग घर या प्लॉट की कीमत सोचकर बजट बनाते हैं, लेकिन रजिस्ट्री से जुड़े ये छुपे हुए खर्च ध्यान में नहीं रखते। अगर समय रहते इनका सही आकलन कर लिया जाए तो फाइनेंशियल प्लानिंग आसान होती है और किसी भी अनचाहे आर्थिक बोझ से बचा जा सकता है। भारत के हर राज्य में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस की दरें अलग-अलग होती हैं, और इनका निर्धारण मुख्य रूप से प्रॉपर्टी की लोकेशन और बाजार मूल्य के आधार पर होता है।

कई बार, लोग इन खर्चों का पूरा पता नहीं कर पाते और बाद में होम लोन या पेमेंट करते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए, यह समझना जरूरी है कि रजिस्ट्री के खर्च कैसे कैलकुलेट करें ताकि हर कदम की तैयारी पहले से हो सके।

घर या प्लॉट खरीदते समय रजिस्ट्री का खर्च कैसे कैलकुलेट करें

रजिस्ट्री के दौरान सबसे ज्यादा खर्च दो चीजों पर आता है: स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क।
स्टाम्प ड्यूटी एक तरह का टैक्स होता है, जो सरकार द्वारा प्रॉपर्टी के कुल मूल्य के अनुसार वसूला जाता है।
यह दर भारत के अलग-अलग राज्यों में 3% से 10% के बीच होती है। वहीं, रजिस्ट्रेशन शुल्क आमतौर पर संपत्ति के मूल्य का 1% होता है।

इसके अलावा, कई बार वकील की फीस, दस्तावेज तैयार करने का खर्च, बायोमेट्रिक सत्यापन, फोटोकॉपी और कोर्ट फीस जैसे छोटे-मोटे खर्च भी जुड़ जाते हैं।
महिला खरीदारों को कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जाती है, जिससे उनका कुल रजिस्ट्री खर्च कम हो सकता है।

रजिस्ट्री खर्च की गणना कैसे करें

मान लीजिए किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी है।
यदि राज्य में स्टाम्प ड्यूटी दर 6% और रजिस्ट्रेशन फीस 1% है:

  • स्टाम्प ड्यूटी = 50,00,000 x 6% = 3,00,000 रुपये
  • रजिस्ट्रेशन शुल्क = 50,00,000 x 1% = 50,000 रुपये
  • कुल खर्च = 3,00,000 + 50,000 = 3,50,000 रुपये

इसके अलावा, नीचे दिए गए खर्च भी जोड़ें:

  • वकील/एजेंट फीस: ₹3,000 – ₹15,000
  • अन्य छोटे खर्च जैसे कोर्ट फीस, फोटोकॉपी, आदि

रजिस्ट्री/स्टाम्प ड्यूटी का टेबल ओवरव्यू

पहलूजानकारी
मुख्य खर्चस्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस
स्टाम्प ड्यूटी दर3% से 10% (राज्य अनुसार)
रजिस्ट्रेशन फीसआमतौर पर 1%
महिलाओं के लिए छूटकई राज्यों में कम स्टाम्प ड्यूटी
अतिरिक्त खर्चवकील/एजेंट फीस, दस्तावेज तैयारी, कोर्ट फीस
दस्तावेज़बिक्री विलेख, पहचान पत्र, पेमेंट रसीद, गवाह, पावती रसीद
प्रक्रियासरकारी ऑफिस में दस्तावेज, सत्यापन, फिंगरप्रिंट, फीस का भुगतान
ऑनलाइन विकल्पकई राज्यों में ऑनलाइन रजिस्ट्री एवं फीस कैलकुलेटर उपलब्ध

राज्यवार स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की दरें

राज्यस्टाम्प ड्यूटीरजिस्ट्रेशन शुल्क
दिल्ली4% से 6%1%
उत्तर प्रदेश6% से 7% (महिलाओं के लिए कम)1%
महाराष्ट्र5%1%
गुजरात4.9%1%
तमिलनाडु7%1%
पश्चिम बंगाल7% से 8%1%
केरल8%1%
राजस्थान5% से 6%1%

रजिस्ट्री खर्च को कैसे कम करें?

रजिस्ट्री खर्च को कम करने के लिए निम्न उपाय किए जा सकते हैं:

  • महिला नाम पर संपत्ति खरीदें, कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी कम लगती है।
  • सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल करें, ऑनलाइन फीस कैलकुलेशन करें और रियायत पाएं।
  • वकील या एजेंट के बजाय खुद दस्तावेज तैयार करें जहां संभव हो।
  • समय-समय पर सरकार द्वारा जारी निर्देश या स्कीम्स को चेक करें।

रजिस्ट्री प्रक्रिया के जरूरी कागजात

  • बिक्री विलेख (Sale Deed)
  • आधार/पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र
  • बिक्री डिटेल्स और पेमेंट की रसीद
  • गवाहों की उपस्थिति
  • पावती रसीद (Acknowledgement Receipt)

हर राज्य की प्रक्रिया में छोटे-मोटे फर्क हो सकते हैं, लेकिन ये सामान्य दस्तावेज लगभग हर जगह अनिवार्य हैं।

रजिस्ट्री खर्च कैलकुलेशन का महत्व

सही समय पर रजिस्ट्री खर्च का पूर्वानुमान लगाने से बजट प्लानिंग आसान हो जाती है।
होम लोन आवेदन करते समय अनावश्यक परेशानियां नहीं आतीं।
यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होती है, जिससे भविष्य में कानूनी अड़चनें नहीं आतीं।

सामान्य सवाल-जवाब (FAQ)

  • क्या स्टाम्प ड्यूटी में छूट मिल सकती है?
    • हां, कुछ राज्यों में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों या किसानों को छूट मिलती है।
  • क्या स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस नकद दी जा सकती है?
    • आमतौर पर इनका भुगतान डिमांड ड्राफ्ट, चेक या ऑनलाइन माध्यम से होता है।
  • प्रॉपर्टी की लोकेशन कैसे फर्क डालती है?
    • शहरी और ग्रामीण इलाकों की दरें अलग होती हैं; कमर्सियल और रेसिडेंशियल में भी अंतर होता है।

ध्यान देने वाली बातें

  • हर राज्य की सरकारी वेबसाइट पर स्टाम्प ड्यूटी कैलकुलेटर उपलब्ध होते हैं।
  • बेकार बिचौलियों से बचें; असली फीस और दरें केवल सरकारी पोर्टल पर ही मिलती हैं।
  • हमेशा ताजा नियम देखें क्योंकि सरकार समय-समय पर फीस में बदलाव कर सकती है।

Disclaimer:

यह लेख सरकारी साइटों पर उपलब्ध सामान्य जानकारी और आधिकारिक निर्देशों पर आधारित है।
रजिस्ट्री और स्टाम्प ड्यूटी की दरें या नियम राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर बदले जा सकते हैं।
आखिरी समय में खर्च और प्रक्रिया जानने के लिए अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर पुष्टि करें।
यह जानकारी मार्गदर्शन के लिए है, न कि किसी कानूनी सलाह के रूप में।
योजना एवं स्टाम्प ड्यूटी संबंधी सभी रियल और अपडेटेड जानकारी सिर्फ सरकार की ऑफिसियल साइट पर देखें; अन्य जगहों से मिली जानकारी अक्सर अधूरी या गलत हो सकती है।

Chetna Tiwari

Chetna Tiwari is an experienced writer specializing in government jobs, government schemes, and general education. She holds a Master's degree in Media & Communication and an MBA from a reputed college based in India.

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