प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), यानी पीएम आवास योजना ग्रामीण, एक ऐसी सरकारी योजना है जिसका मुख्य उद्देश्य देश के गरीब और बेघर ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान प्रदान करना है। इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2016 को हुई थी, और यह पहले चली आ रही इंदिरा आवास योजना का ही नया रूप है। समय के साथ सरकार ने इस योजना में कई बदलाव किए हैं ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को इसका लाभ मिल सके।
हाल ही में ग्राम स्तर पर नए सर्वे शुरू किए गए हैं, जिसमें पात्र परिवारों की दोबारा पहचान और सूची तैयार की जाती है। देश के कई ऐसे गांव और ग्रामीण क्षेत्र हैं जहाँ आज भी बहुत से लोग कच्चे और असुरक्षित मकानों में रहते हैं। पीएम आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से इन्हीं परिवारों को एक सुरक्षित, साफ-सुथरा और सुविधाजनक पक्का घर उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है।
घर के साथ-साथ इसमें अन्य मूलभूत सुविधाएँ भी दी जाती हैं, जैसे शौचालय, बिजली, पानी और स्वच्छ ईंधन का कनेक्शन, ताकि ग्रामीण जीवन बेहतर हो सके।
PM Awas Yojana Gramin Survey: Full Details
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) सरकार की फ्लैगशिप योजना है, जिसमें पात्र ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता देकर उनका खुद का पक्का मकान बनवाया जाता है। इस योजना का मकसद 2024 तक ‘हर परिवार को अपना घर’ उपलब्ध कराना था, जिसे अब बढ़ाकर 2028-29 तक कर दिया गया है। अब तक इस योजना के तहत करोड़ों ग्रामीण परिवार पक्का घर प्राप्त कर चुके हैं, जबकि नए सर्वे और लाभार्थी सूची के जरिए चयन की प्रक्रिया जारी है।
यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों के बेघर, कच्चे या जीर्ण-शीर्ण मकानों में रहने वाले, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), भूमिहीन मजदूर, अनुसूचित जाति/जनजाति, विधवा महिला, विकलांग व्यक्ति, और वंचित समूहों के लिए है। लाभार्थी का चयन SECC 2011 डेटा, नया ग्राम स्तर सर्वे और ग्राम सभा द्वारा सत्यापन के बाद किया जाता है।
योजना के तहत मिलने वाली सहायता
सरकार की ओर से सामान्य इलाकों में ₹1,20,000 और पर्वतीय/दुर्गम क्षेत्रों में ₹1,30,000 तक की आर्थिक सहायता सीधे लाभार्थी के खातों में भेजी जाती है। मकान का न्यूनतम आकार 25 वर्ग मीटर होना चाहिए, जिसमें शौचालय अनिवार्य है। साथ ही, स्वच्छ पेयजल, बिजली, रसोई गैस, और रोजगार जैसी अन्य सुविधाएँ केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से जोड़ी जाती हैं।
घर निर्माण में स्थानीय सामग्री और आपदा-रोधी डिज़ाइन का ध्यान रखा जाता है। अन्य योजनाओं (जैसे – उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, स्वच्छ भारत मिशन) की मदद से लाभार्थी को गैस, शौचालय, पानी और बिजली मुफ्त या रियायती दर पर मिल सकते हैं। इसके अलावा, लाभार्थियों को मनरेगा के अंतर्गत 90 से 95 दिन का रोजगार भी मिलता है।
नई ग्रामीण सर्वे प्रक्रिया
2025 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए नया सर्वे पूरा हो चुका है, जिसकी अंतिम तिथि 15 मई थी। इस सर्वे के दौरान ग्राम पंचायत स्तर पर योग्य और रह गए परिवारों की नए सिरे से सूची तैयार हुई है। सभी आवेदन जिलास्तर पर जांचे जाएंगे, जिनमें कोई गड़बड़ी मिलने पर नाम काटा जा सकता है। सही पाए गए आवेदकों की सूची तैयार होने के बाद उन्हें स्वीकृति दी जाएगी और आर्थिक सहायता धीरे-धीरे मिलनी शुरू हो जाएगी।
लाभार्थी सूची देखने के लिए जिले, ब्लॉक, ग्राम पंचायत स्तर पर pmayg.nic.in पोर्टल पर जाकर नाम चेक किया जा सकता है। यहाँ आप अपने आवेदन की स्थिति, धनराशि स्वीकृति एवं रुपयों के रिलीज स्टेटस को भी ऑनलाइन देख सकते हैं।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए आवेदन स्थानीय ग्राम पंचायत या ब्लॉक कार्यालय में जाकर किया जा सकता है। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज़: आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, मनरेगा जॉब कार्ड, और जमीन के कागजात होते हैं। पात्रता वही लोग पा सकते हैं जिनके पास पहले से पक्का घर नहीं है और जिन्होंने अभी तक कोई सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं लिया है। वार्षिक आय सीमा ₹3 लाख से ₹6 लाख के बीच होनी चाहिए।
आवेदन की प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ों का सत्यापन होता है, फिर सूची बनने के बाद स्वीकृति दी जाती है। आर्थिक राशि सीधे आपके खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण देश के गरीब और बेघर लोगों के सपनों को साकार करने वाली एक महत्वाकांक्षी योजना है। नए सर्वे के जरिए सरकार और अधिक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुँचाने की कोशिश कर रही है। अगर आप पात्र हैं तो सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर आवेदन करें और अपने पक्के घर का सपना पूरा करें।