सरकारी रेलवे ने हाल ही में जनरल टिकट के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं, जिसका सीधा असर करोड़ों यात्रियों पर पड़ने वाला है। आसान शब्दों में कहें तो अब ट्रेन की जनरल टिकट लेना और उस पर सफर करना उतना आसान नहीं रहेगा जितना पहले था। रेलवे के इन नए नियमों का मुख्य मकसद यात्रा प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना, टिकटों का दुरुपयोग रोकना और भीड़ को काबू करना है।
यह बदलाव इसलिए किए जा रहे हैं ताकि हर जरूरतमंद को सही तरीके से ट्रेन में सफर करने का मौका मिले और टिकटों की कालाबाजारी को रोका जा सके। पहले यात्रियों को जनरल टिकट मिलते ही वो किसी भी उस रूट की ट्रेन में सफर कर लेते थे, जिसमें भीड़ कम हो या समय ज़्यादा अनुकूल हो। लेकिन कई बार अधिक भीड़ और सीटों की गड़बड़ी के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतें होती थी।
नई व्यवस्था में जनरल टिकट मिलने और उसके इस्तेमाल के रास्ते को बिल्कुल साफ और नियमों के तहत बना दिया गया है।
What are the Railway Change Ticket Rules 2025?
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब जनरल टिकट पर ट्रेन का नाम/नंबर भी लिखा मिलेगा। इसका मतलब है कि आप जिस ट्रेन का टिकट लेंगे, सिर्फ उसी में सफर कर सकते हैं। पहले एक ही टिकट के सहारे कई विकल्प होते थे, लेकिन अब यात्रा को उस ट्रेन से ही शुरू और खत्म करना होगा, जिसका टिकट आपके पास है।
दूसरा नियम टिकट की वैधता को लेकर आया है। अब जनरल टिकट लेने के बाद सिर्फ 3 घंटे के अंदर ही आपको अपनी यात्रा शुरू करनी होगी। अगर यह समय सीमा बीत गई, तो आपका टिकट अमान्य हो जाएगा। यह प्रावधान इसलिए रखा गया है ताकि हर व्यक्ति को सही समय पर टिकट मिल सके और टिकट जमा करके रखने या आगे बेचने वाले दलालों पर अंकुश लगे।
रेलवे ने भीड़ कंट्रोल करने के लिए यह नियम खास तौर पर नई दिल्ली जैसे बड़े स्टेशनों पर लागू किया है, जहां अक्सर अव्यवस्था की स्थिति आ जाती थी। भीड़ काबू में रहे, हर किसी को उचित सीट मिल सके और अवैध अधिक यात्राएं रुकें, इसी मकसद से यह फैसला किया गया है।
टिकट बुकिंग का नया तरीका
अब जनरल टिकट खरीदने के लिए आपको रेलवे काउंटर या UTS मोबाइल ऐप दोनों का विकल्प मिलेगा। UTS ऐप की मदद से आप मोबाइल पर ही पेपरलेस जनरल टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए:
- सबसे पहले मोबाइल पर UTS ऐप डाउनलोड करें।
- अपना मोबाइल नंबर डालकर अकाउंट बनाएं।
- यात्रा की शुरुआत और अंत का स्टेशन भरें।
- ऐप में आपको ट्रेन नंबर चुनना होगा।
- भुगतान करें और टिकट आपके मोबाइल में आ जाएगा, जिसे TTE को दिखाकर आप यात्रा कर सकते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग में अब पहचान पत्र की जानकारी देना भी जरूरी है। इससे टिकटों का दुरुपयोग और धोखाधड़ी रुक सकेगी। यह कदम टिकट प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकारी और रेलवे का उद्देश्य
सरकार और रेलवे का मकसद है कि टिकट सिस्टम को पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए। टिकट दलालों और अवैध बुकिंग को रोकने के लिए रेलवे ने कड़े आईडी वेरिफिकेशन, आधार लिंकिंग जैसी शर्तें भी लागू की हैं। पहले जहां टिकट दलाल और फर्जी एजेंट सिस्टम में सेंध लगाते थे, वहीं अब सारा सिस्टम डिजिटल और सुरक्षित हो गया है।
भीड़ कम करने के लिए वेटिंग लिस्ट व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। आरक्षित डिब्बों में अब वेटिंग लिस्ट के यात्रियों को बैठने की अनुमति नहीं है। इससे भीड़ नियंत्रण और टिकट वितरण में पारदर्शिता आयेगी।
किन ट्रेनों में नहीं चलेगा जनरल टिकट?
नई व्यवस्था के तहत जनरल टिकट अब सिर्फ उसी ट्रेन में मान्य होगा, जिसका नंबर टिकट पर लिखा है। किसी भी लग्जरी, पैकेज, या सुपरफास्ट ट्रेनों में जनरल टिकट के साथ यात्रा नहीं कर सकते। इसका मकसद यह है कि सस्ते टिकट खर्च करके महंगी ट्रेनों में लोग न चढ़ जायें; ऐसा मिलने पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर रेलवे के जनरल टिकट नियम में बदलाव से व्यवस्था ज्यादा साफ और अनुशासित हुई है। इन नए नियमों से टिकट मिलना भी सुगम होगा और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा का भी ध्यान रखा जा सकेगा। हर किसी को नियमों का पालन करते हुए ट्रेनों में यात्रा करनी होगी, ताकि सिस्टम पारदर्शी और सभी के लिए फेयर बना रहे।